मेरे मन की बात !

मैं प्रायः “मन की बात” जो रेडियो पर भारत के प्रधानमंत्री का देश की जनता को एक संबोधन होता है उसे “विशेषतौर” पर नही सुनता हूं जिसकी कोई खास वजह भी नही है मगर आज संयोगवश कानों में पड़ने पर मैंनें एफएम पर इसे सुनना जारी रखा।

प्रधानमंत्री जी युवाओं से उनकी छुट्टियों के सदुपयोग की बात कर रहे थे..गर्मियों में पक्षियों के लिए पानी की बात कर रहे थे..खाने की बर्बादी कैसे रुके इसकी बात कर रहे थे..लाल बत्ती जो गाड़ियों से तो उतर गई मगर कइयों के दिमागों में रह गई उसकी बात कर रहे थे..मुझे लगा कि मेरी जानकारी में आजतक किसी प्रधानमंत्री ने इस प्रकार से बेलाग जनसंवाद नही किया और हां, इन बातों में बनावटीपन और कोई औपचारिकता नही थी।

मुझे लगता है कि इतिहास में जन संवाद के अधिकतम प्रयास वर्तमान प्रधानमंत्री महोदय ने किए हैं जो कि आमजन से उनका “कनेक्ट” बना रहे हैं और शायद उन्हें मिल रहे रिकार्ड समर्थन की एक मूल वजह भी है। विरोधी दलों को इस बात को समझने की जरूरत है..और केवल विरोध के लिए ही विरोध करने से काम चलने वाला है नहीं!

: राजेश कुमार, एडवोकेट
पत्रकारिता एंव जनसंचार स्नातक,
संस्थापक संपादक ” वोटर”