छोटे राज्यों का फार्मूला तय हो…..

मीडिया क्रांति के इस युग में भी संपूर्ण राजस्थान सरकार को यह अहसास व आवश्यकता महसूस हुई कि बेहतर शासन प्रशासन के लिए संभाग वार जाना होगा अतः आजकल सारी राजस्थान सरकार भरतपुर संभाग में निवास करके सुगम प्रशासन देने का “प्रयास“ कर रही है। मिडिया में तीव्र समस्या निस्तारण व निरीक्षण निर्देशन की खबरें भी आ रही है। लेकिन ऐसे में शेष राजस्थान का क्या ?

लेकिन इन सबसे एक बात साफ हो रही है कि देश में छोटे राज्यों की आवश्यकता है। मेरे विचार में देश में राज्यों के अधिकतम क्षेत्रफल का एक पैमाना तय हो, यह समय की मांग है।

मैंने सरदार पटेल की जीवनी पढी थी जिसमें उन्होंने कहा था कि मेरे पास समय कम था अतः मैंने येनकेन प्रकारेण अभी तो भारत को एकसूत्र में पिरो तो दिया लेकिन बहुत सारा काम आगे की पीढीयों को करना होगा। लेकिन खेद…. आजादी के बाद की नेताओं ने सिर्फ मजा किया और मलाई खाई ……..

– राजेश के0 भारद्वाज

कटटर सोच और युवा जोश ……

 सोशल साईटस पर एक पार्टी विशेष जिसे मैं व्यक्तिगत रूप से कटटर नहीं मानता था, के कथित समर्थक विचारकों की की वाणी पिछले कुछ माह से एक व्यक्ति विशेष के विरूद्ध अत्यंत तल्ख, बौखलाई और जहर बुझी सी होती जा रही थी जिससे यह साबित सा होने लगा कि ऐसी वाणी शायद कटटर सोच की ही प्रतीक है। इससे मेरे इस पार्टी के प्रति अवधारणा प्रभावित होने लगी।
युवा जोश वाले कसमसा तो रहे थे मगर शांत थे लेकिन इन महानुभावों की नींद और चैन एक अकेले ऐसे निरीह व्यक्ति ने उडा रखी थी जो कुर्सी को जनता की खडाऊ बताता है।
कल उस व्यक्ति ने खडाऊ कुर्सी को त्याग भी दिया तो भी ये कथित बुद्धिजीवी व विचारक अब उससे और भी ज्यादा डरे और सहमें हुए से लगते हैं और अभी तक सहज नहीं हो पा रहे हैं, ना जाने ऐसा क्या भय है जो उन्हें खाए जा रहा है…….
आखिर इतनी असहजता क्यों…..??? राजनीति है, इसमें सबको भाग लेने का अधिकार है के नहीं…
ः-  राजेश कुमार भारद्वाज एडवोकेट

अरविंद तुम दोषी हो !

अरविंद तुम दोषी हो,

क्योंकि,

तुमनें कितने ही मुख्यमंत्रीयों को

यातायात के नियम सीखा दिये,

अरविंद तुम दोषी हो,

क्योंकि तुम्हारी वजह से ही

आज मुख्यमंत्रीयों के शाही

बंगले खाली पडे हैं,

अरविंद तुम दोषी हो,

क्योंकि तुमने चुनावी टिकटों

की बिक्री को रूकवा दिया…..

अरविंद तुम दोषी हो,

क्योंकि तुमनें सता और

व्यापार का गठजोड

जनता को बतला दिया,

अरविंद तुम दोषी हो

क्योंकि तुमनें जनता के खोये

आत्मविश्वास को जगा दिया…

ये सब “उनकी नजर में“

असंवैधानिक नहीं

तो और क्या है…

अरविंद तुम दोषी हो……

हां, अरविंद तुम दोषी हो….

राजेश के0 भारद्वाज