कालेज में नरेंद्र मोदी का भाषण

आज पुणे फर्गुसन कालेज में नरेंद्र मोदी का भाषण सुनकर अच्छा लगा जिसकी प्रमुख वजह थी मौलिकता और स्वतंत्र सोच। क्योंकि कालेज था अतः उन्होंने सीधे सीधे कोई राजनैतिक बात नहीं की जो अच्छा लगा। देश में सेना के आफिसर पदों पर युवाओं को मौका, सिंगापुर के विकास का उदाहरण, ओलम्पिक में सेना के खिलाडियों को मौका, दक्षिण कोरिया के विकास का उदाहरण, सरदार सरोवर पर दकि…यानूसी अंग्रेजी कानून का खातमा व वहां पर्यटन का विकास, भारत की शिक्षा पद्धति, बिल्डिंग यूनिवर्सिटी या यूनिवर्सिटी बिल्डिंग का मुददा, चीन से विकास के बारे में सीखने की बात, पी.एच.डी. शोध का देश के विकास में उपयोग, फोरेंसिक विश्वविद्यालय की बात, उद्योग लगाने से पूर्व वहंा संबधित आई.टी.आई. कोर्स की शुरूआत की बात, शिक्षकों की विश्वव्यापी मांग के बारे चर्चा आदि आदि विषय उन्होंने प्रभावशाली तरीकेे से उठाये।
मैं अगर किसी राजनैतिक दल से जुडा होता तो श्री नरेंद्र मोदी की निंदा या प्रशंसा करना शायद मेरी मजबूरी होती लेकिन मैं आज ऐसी किसी मजबूरी की वजह से नहीं बल्कि भारत के एक जागरूक मतदाता के नाते आज महसूस करता हूं कि ऐसी वाकपटुता व स्वतंत्र सोच के साथ बात करने वाले राष्ट्रीय नेताओं का आज देश में अकाल है। वरना तो सुनने को मिलती है केवल व्यक्ति पूजा और घोर चाटुकारिता जिससे सिवाय उस वक्ता के किसी और का लाभ हो ही नहीं सकता…..।